अपना घर, सीतामउ फाटक, टोड़ी, मन्दसौर (म. प्र.)
अपना घर, सीतामउ फाटक, टोड़ी, मन्दसौर (म. प्र.)
अपना घर, सीतामउ फाटक, टोड़ी, मन्दसौर (म. प्र.)
अपना घर, सीतामउ फाटक, टोड़ी, मन्दसौर (म. प्र.)

अपना घर बालगृह

निराश्रित, प्रताड़ित उपेक्षित, अभावग्रस्त बालिकाओं का सर्वोत्तम आश्रय स्थल...
पूरे देश में निराश्रित समस्या भयावह है । जिस उम्र में कलम हाथ में होनी चाहिये उस उम्र में कमण्डल उनके हाथ में है । सड़क पर मैले-कुचैले, फटे हाल बिलखता बचपन मिल जाएगा । कचरे के ढेर हो या रेलवे कोच में झाडु लगते बच्चे देखे जा सकते हैं । इस समस्या का समाधान आप और हम साझा सहयोग कर कर सकते हैं ।

न्यूज़ एंड इवेंट्स

  • 1. हम आपका अपनाघर में स्वागत करते है

मैसेज


" बच्चे ईश्वर का प्रतिरूप होते हैं। ईश्वर के दर्शन क्या आप रोते, बिलखते, भीख मांगते हुए करना चाहेंगे ? आपका उत्तर निश्चय ही ना होगा। हम यही प्रयत्न अपना घर के माध्यम से कर रहे हैं। ऐसे प्रत्येक जरूरत मंद बच्चे को शिक्षा, आवास, भोजन, की उत्तम व्यवस्था मिले। समाज से जुड़ सके। "

राव विजयसिंह
संस्थापक अध्यक्ष
स्वाध्याय मंच, अपना घर, मन्दसौर


“ अपना घर कहने को निराश्रित बालगृह है , किन्तु मन्दसौर नगरवासियों ने यहाँ के बच्चों को जो स्नेह , अपनत्व व लाड़ दिया है वह इतना गहरा और अपनेपन से परिपूर्ण है कि ये बच्चे जिन पर इतने स्नेहशील हाथ हैं, ये कभी निराश्रित हो ही नहीं सकते । हमारा आपका सबका अपना घर निराश्रित बालगृह नहीं वरन् प्रदेश व देश का आदर्श बालगृह है । ”

ब्रजेश जोशी
अध्यक्ष
स्वाध्याय मंच